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बीएससी नर्सिंग का रिजल्ट खराब आने पर, कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज सिंघिया खुर्द के छात्रों का हंगामा, ईंस्टीच्यूट के  बस पर छात्रों ने उतारा अपना गुस्सा! ICU में भी की जमकर तोड़फोड़! छात्रों का गुस्सा देख ईंस्टीच्यूट से गायब हुए ज्यादातर कर्मी, पुलिस के आने पर संभली स्थिति

समस्तीपुर। जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर की दुरी पर सिंघिया खुर्द गांव स्थित, कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर नामक,  निजी नर्सिंग संस्थान में बीएससी नर्सिंग फर्स्ट ईयर की परीक्षा का रिजल्ट खराब आने से नाराज छात्रों ने, बुधवार 20 अगस्त को ईंस्टीच्यूट परिसर में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित छात्रों ने ईंस्टीच्यूट परिसर में खड़ी एक बस के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद कुछ छात्र कॉलेज के आईसीयू में घुस गए। वहां भी छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ किया, साथ कुछ अन्य संयंत्र को भी नुकसान पहुंचाया।

उधर हंगामे की सूचना मिलते ही कर्पूरीग्राम थाने की पुलिस कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर परिसर में पहुंची, तथा छात्रों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया, तथा काफी समझा-बुझाकर सभी छात्रों को कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर परिसर से बाहर निकाला, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर में अध्ययनरत छात्रों का बताना था कि, कॉलेज से बीएससी नर्सिंग फर्स्ट ईयर की परीक्षा में करीब 100 छात्र शामिल हुए थे। इनमें 50 प्रतिशत से भी कम छात्र सफल हो सके हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने परीक्षा में बेहतर तरीके से उत्तर लिखे थे, इसके बावजूद अपेक्षा से काफी कम अंक दिए गए हैं। छात्रों ने इतनी कम संख्या में विद्यार्थियों के सफल होने पर सवाल उठाते हुए रिजल्ट की जांच कराने की मांग कर रहे थे। छात्रों का बताना था कि, कॉलेज प्रशासन को छात्रों की समस्या का समाधान करना चाहिए, और परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष तरीके से समीक्षा करानी चाहिए।

हंगामे के बीच कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर के प्रिंसिपल गणेश सिंह ने छात्रों को समझाते हुए बताया कि, जिन छात्रों को लगता है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में बेहतर अंक आने चाहिए थे, उनकी कॉपियों की दोबारा जांच कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार किया गया है। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि रिजल्ट से जुड़ी शिकायत को संबंधित विभाग के समक्ष रखा गया है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, कॉलेज प्रशासन की ओर से बीएससी नर्सिंग का निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराया गया था। छात्रों को नियमित रूप से पढ़ाई कराई गई, बाबजूद इस प्रकार का खराब रिजल्ट आना काफी आश्चर्यजनक है।

कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर के डायरेक्टर एसके मंडल ने बताया कि, कॉलेज में बीएससी नर्सिंग कोर्स की पढ़ाई पूरी तरह कराई गई थी। छात्रों की शिकायत है कि, परीक्षा में उनके प्रदर्शन के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं। इसी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर के  द्वारा स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है। इसी परेशानी को लेकर वह आज बुधवार 19 अगस्त को पटना आए हुए हैं। छात्रों की शिकायत का उचित समाधान निकालने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क किया जा रहा है।

फिलहाल छात्रों की मुख्य मांग उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और रिजल्ट की समीक्षा को लेकर है। कॉलेज प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किए जाने की बात कही गई है। अब छात्रों को विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई और रिजल्ट की समीक्षा का इंतजार है।

कृष्णा ईंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साईंसेज समस्तीपुर से जुड़ी एक और बहूत बड़ा खुलासा इस खबर की अगली कड़ी में। कृप्या ईंतजार करें।

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भ्रष्टाचार

दिवंगत पत्तीलाल सहनी के परिवार के लिए समाजसेवी राजू सहनी ने बढाया मदद का हाथ

समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत रामचंद्रपुर अंधैल पंचायत स्थित वार्ड संख्या-9 निवासी, पत्तीलाल सहनी की हुई निधन के बाद से इंसानियत और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करने वाली खबर सामने आई है। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे गरीब परिवार के पत्तीलाल सहनी का सोमवार, 3 अगस्त 2026 को निधन हो गया। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

बताया जाता है कि पत्तीलाल सहनी का कोई पुत्र नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उनकी बेटी रुक्मिणी कुमारी और दामाद उमेश सहनी के कंधों पर आ गई। आर्थिक तंगी के बावजूद दोनों ने किसी तरह अपने पिता का अंतिम संस्कार किया।

इसी बीच परिवार की आर्थिक परेशानी और दुखद परिस्थिति की जानकारी स्थानीय निवासी महेश सहनी को हुई। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए लगातार आगे रहने वाले राजू सहनी को इसकी जानकारी दी।

जानकारी मिलते ही राजू सहनी ने बिना देर किए शोकाकुल परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उन्होंने परिवार की जरूरतों को देखते हुए आवश्यक घरेलू एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई, जिससे संकट की इस घड़ी में परिवार को कुछ राहत मिल सके।

मदद मिलने के बाद रुक्मिणी कुमारी और उनके परिवार ने राजू सहनी के प्रति आभार जताया। परिजनों ने कहा कि एक ओर वे अपने पिता को खोने के गम से जूझ रहे थे, वहीं दूसरी ओर आर्थिक संकट भी सामने था। ऐसे समय में राजू सहनी ने मदद कर परिवार को काफी सहारा दिया।

मौके पर मौजूद लोगों ने भी राजू सहनी के इस मानवीय पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि किसी जरूरतमंद परिवार के दुख में उसके साथ खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता कर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है।

इस अवसर पर पूर्व मुखिया उमेश प्रसाद सहनी, महेश सहनी, विजय सहनी, देवेन्द्र सहनी, मुकेश कुमार सहनी, दीपक सहनी, शंकल सहनी और बांबी कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

पत्तीलाल सहनी के निधन से परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, इस कठिन समय में राजू सहनी द्वारा की गई मदद ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना किसी दुखी परिवार के लिए बड़ी ताकत बन सकती है।

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