राजनिति

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूट पर बवाल, KSR कॉलेज बचाने 16 अगस्त से पैदल मार्च, समाजसेवी कुमार ने दी जानकारी

सरायरंजन/समस्तीपुर। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के प्रस्तावित रूट से सरायरंजन के ऐतिहासिक KSR कॉलेज के प्रभावित होने के विरोध में समाजसेवी कुणाल कुमार 16 अगस्त को  हजारों लोगों के साथ पैदल मार्च निकालकर सरायरंजन से पटना तक जाएंगे। जहां वह पटना पहुंचकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास तक पहुँच कर अपनी मांग रखेंगे। उक्त जानकारी उन्होंने मंगलवार 11 अगस्त को एक निजि होटल के सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन कर दिया।

आयोजित इस प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होनें बताया कि, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के नाम पर क्षेत्र की शैक्षणिक विरासत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कुणाल कुमार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि,  उनका मकसद विकास परियोजनाओं का विरोध नहीं है, लेकिन किसी भी विकास कार्य की कीमत शिक्षा संस्थान और जनहित की बलि देकर नहीं चुकाई जानी चाहिए।

2025 में उठाया गया था मुद्दा

कुणाल कुमार ने यह भी बताया कि, KSR कॉलेज को संभावित नुकसान पहुंचाने वाले प्रस्तावित रूट का मुद्दा पहली बार उन्होंने 4 मई 2025 को, स्थानीय नागरिकों के साथ प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद 8 मई को मंत्री विजय कुमार चौधरी की मौजूदगी में बैठक होने और रूट में बदलाव का मौखिक आश्वासन दिए जाने का दावा भी किया गया था। बावजूद रूट बदलने को लेकर कोई स्पष्ट अधिकृत अधिसूचना या लिखित आदेश जारी नहीं किया गया। इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि, स्थानीय स्तर पर तैयार की गई रिपोर्ट से जनता को भ्रमित किया गया है, जबकि NHAI की ओर से रूट को लेकर अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी थी।

राजनीतिक प्रभाव और प्रशासनिक भूमिका पर भी उठाए सवाल

समाजसेवी कुणाल कुमार ने भूमि अधिग्रहण और अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कुछ अधिकारियों और राजनीतिक प्रभाव के बीच कथित संबंधों के आरोप भी लगाए। हालांकि उनके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। समाजसेवी कुणाल कुमार का दावा है कि, राजनीतिक प्रभाव के चलते कुछ लोगों की जमीन बचाने और KSR कॉलेज को प्रभावित करने वाला रूट तैयार किया गया है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की मांग की है।

पावर प्लांट की जमीन को लेकर भी आरोप

समाजसेवी कुणाल कुमार ने सरायरंजन में प्रस्तावित पावर प्लांट की जमीन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, पहले जिस स्थान पर बिहार सरकार की करीब आठ एकड़ जमीन उपलब्ध थी, वहां परियोजना स्थापित करने के बजाय स्थान बदलकर निजी जमीन के अधिक अधिग्रहण की स्थिति पैदा की गई। जिसके कारण सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

NHAI के स्पष्टीकरण पर भी सवाल

समाजसेवी कुणाल कुमार के अनुसार, जून 2026 में NHAI की ओर से परियोजना के रूट को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया गया था। जिसे बाद में अधिकारियों से बातचीत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उस स्पष्टीकरण को हटा दिया गया। इस दौरान कुणाल कुमार ने अधिकारियों से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का भी दावा किया है।

“विकास चाहिए, लेकिन विरासत की बलि देकर नहीं”

इस दौरान कुणाल कुमार ने यह भी कहा कि, यह लड़ाई किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरायरंजन के भविष्य, शिक्षा और पारदर्शी व्यवस्था को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि KSR कॉलेज केवल एक भवन नहीं, बल्कि क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान है। विकास के नाम पर इसे नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

16 अगस्त से शुरू होगा पैदल मार्च

समाजसेवी कुणाल कुमार ने बताया कि, प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 16 अगस्त 2026 को सरायरंजन से पैदल मार्च शुरू हो जाएगा जो तीन दिनों की यात्रा कर पटना पहुंचकर मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष के आवास तक अपनी मांग को रखेंगे। उन्होंने बताया कि, उनकी प्रमुख मांगों में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण निर्धारित विकास लक्ष्यों के अनुरूप करना, KSR कॉलेज का अस्तित्व पूरी तरह सुरक्षित रखा जाना, शामिल है। इसके लिए कॉलेज को प्रभावित नहीं करने वाला वैकल्पिक और तर्कसंगत रूट निर्धारित करने की मांग करेंगे।

कुणाल कुमार ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से पदयात्रा में शामिल होने की अपील भी किया। उन्होंने इसे शिक्षा और जनहित से जुड़ा आंदोलन बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील की।

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