कलम के साथ रंगों से भी पहचान बना रहीं शालिनी सिन्हा, पत्रकारिता और समाजसेवा के साथ हैंडमेड पेंटिंग का हुनर, बाजार में बढ़ रही मांग

सीवान। पत्रकारिता की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के साथ समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय शालिनी सिन्हा, अब रंगों की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उनके हाथों से तैयार की गई हैंडमेड पेंटिंग इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआहै। कलात्मक सोच, रंगों का बेहतर संयोजन और हाथों की बारीक कारीगरी उनकी पेंटिंग को खास बनाती है।
शालिनी सिन्हा पेशे से पत्रकार हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं। इसी व्यस्तता के बीच चित्रकला के प्रति उनका लगाव उन्हें सुकून देता है। वह विभिन्न विषयों को अपनी कल्पना और रंगों के माध्यम से कैनवास पर उकेरती हैं। उनकी बनाई पेंटिंग में प्रकृति, भावनाओं और जीवन से जुड़े अलग-अलग रंगों की झलक देखने को मिलती है।
हाथों की कारीगरी और कल्पना का मेल उनकी पेंटिंग की खासियत है। मशीन से तैयार होने वाले सजावटी उत्पादों के दौर में, हाथ से बनाई गई कलाकृतियों के प्रति लोगों का बढ़ता आकर्षण शालिनी सिन्हा के लिए उत्साह का विषय है। उनकी पेंटिंग को घर की सजावट के अलावा उपहार के रूप में भी पसंद किया जा रहा है।
शालिनी सिन्हा ने साहित्य सौरभ से बातचीत के दौरान बताया कि, चित्रकला उनके लिए सिर्फ शौक नहीं, बल्कि अपनी सोच और भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। पत्रकारिता और समाजसेवा के साथ कला को समय देना उनके लिए रचनात्मक अनुभव है। लोगों से मिल रहे सकारात्मक प्रतिसाद ने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
बदलते दौर में जहां बाजार में मशीन निर्मित सजावटी वस्तुओं की भरमार है, वहीं हाथ से तैयार की गई कलाकृतियों की अपनी अलग पहचान है। शालिनी सिन्हा इसी पहचान को अपनी कला के जरिए मजबूत करने में जुटी हुई हैं। पत्रकारिता की कलम और कैनवास पर रंगों के साथ उनकी यह दोहरी रचनात्मक यात्रा लोगों के बीच चर्चा बटोर रही है।



