चैता सगमा गांव का श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, धार्मिक आयोजन से कम, हंगामे और अव्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा ज्यादा! अश्लील डांस मामले पर जांच की बात करने वाली अंगारघाट पुलिस भी दिखाई दे रही सुस्त

समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड के अंगारघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत चैता सगमा गांव में आयोजित, श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण महायज्ञ शुरुआत से ही लगातार विवादों और घटनाओं को लेकर चर्चा में बना हुआ रहा। जितनी कुव्यवस्था इस महायज्ञ के आरंभ में दिखा, उससे कहीं ज्यादा कुव्यवस्था यज्ञ के समापन के दौरान दिखाई दिया। धार्मिक अनुष्ठान के इस आयोजन में जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, वहीं दूसरी ओर कई घटनाओं ने आयोजन की व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महायज्ञ के दौरान कभी भोजपुरी गानों पर कथित रूप से अश्लील डांस का मामला सामने आया, तो कभी मंच पर विवाद की स्थिति बनी। इसके अलावा कुश्ती कार्यक्रम के दौरान मारपीट और अन्य घटनाओं ने भी आयोजन को सुर्खियों में ला दिया।
बताया जा रहा है कि एक मामले में चैता दक्षिणी पंचायत के मुखिया कमलकांत राय द्वारा एक युवक को स्टेज से धक्का देने का आरोप लगाया गया था। वहीं कुश्ती कार्यक्रम के दौरान भी विवाद और मारपीट की बात सामने आई है। जिसका विडियो भी काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
खौलते तेल में गिरने से दुकानदार घायल
महायज्ञ परिसर में लगे एक होटल में हुई घटना का वीडियो भी वायरल होने की चर्चा है। वीडियो के अनुसार, मेला देखने आए एक युवक और होटल संचालक के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसी दौरान युवक द्वारा धक्का दिए जाने से होटल संचालक कड़ाही में रखे गर्म तेल में गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद यज्ञ परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई। हालांकि सूत्रों के अनुसार बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता कर मामले को शांत कर लिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि, इतने बड़े धार्मिक आयोजन में पर्याप्त संख्या में वालंटियर, सुरक्षा कर्मी और मेडिकल व्यवस्था की कमी एकदम साफ साफ दिखाई दे रही थी। अगर व्यवस्था मजबूत होती तो जितनी भी घटनाएं इस महायज्ञ परिसर में हुई है, उन सभी घटनाओं को रोका जा सकता था। यही नहीं! सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि, मेला देखने आए कई लोगों के मोबाइल, पर्स और महिलाओं के जेवर तक गायब हो गए। हालांकि इस तरह के मामलों की जानकारी पिड़ित लोगों ने स्थानीय अंगारघाट थाना को नही दिया है
महायज्ञ के दौरान सामने आए विभिन्न मामलों को लेकर अंगारघाट पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अश्लील गाने और डांस के वायरल वीडियो मामले में थानाध्यक्ष अंगारघाट द्वारा जांच कराने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर लगातार सामने आ रही घटनाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या आयोजन समिति की ओर से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे या प्रशासनिक निगरानी कमजोर रही?
फिलहाल चैता सगमा गांव में आयोजित यह महायज्ञ धार्मिक आयोजन से ज्यादा विवाद, हंगामा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में बना हुआ है। हालांकि अंगारघाट पुलिस भी इस मामले पर पुरी तरह चुप्पी साधे हुए है।






