विशेष क्राइम रिपोर्ट: रिश्तों का कत्ल और फरेब का जाल! लालची ससुर की काली करतूतों का भंडाफोड़

बिहार: कहते हैं कि लालच और अनैतिकता इंसान को उस गर्त में ले जाती है जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं होता। एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक ससुर ने न केवल अपने पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को तार-तार किया, बल्कि ‘भू-माफिया’ और ‘फर्जीवाड़े’ के खतरनाक खेल में शामिल होकर समाज को भी कलंकित कर दिया।
लालच की नींव पर टिका व्यवहार
घटना की शुरुआत एक ऐसे परिवार से होती है जहाँ रिश्तों की कदर कम और पैसों की अहमियत ज्यादा थी। आरोपी ससुर का अपने दामाद के साथ व्यवहार हमेशा से संदेहास्पद रहा। रिश्ते बिगड़ने के बावजूद, वह दामाद से केवल इसलिए मीठा बोलता था ताकि उसका आर्थिक हित सधता रहे। लेकिन इस बनावटी व्यवहार के पीछे एक काला सच छिपा था।
अवैध संबंध और बीच सड़क पर हुई फजीहत।
आरोपी ससुर का अपनी उम्र की मर्यादा भूलकर एक महिला के साथ अवैध संबंध चल रहा था। उसने अपनी पत्नी और बच्चों से छिपकर, घर से करीब 4 किलोमीटर दूर एक किराए का कमरा लेकर उस महिला को रखा हुआ था। लेकिन ‘पाप का घड़ा’ जल्द ही भर गया। मकान मालिक और स्थानीय ग्रामीणों को जब इस अनैतिक कार्य की भनक लगी, तो उन्होंने रंगे हाथों ससुर और उस महिला को पकड़ लिया। ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर फूटा कि दोनों को कमरे में बंद कर उनकी जमकर धुनाई की गई और बेइज्जत कर वहां से खदेड़ दिया गया।
दामाद का कड़ा फैसला: टूट गए ससुराल से रिश्ते
जब यह शर्मनाक बात दामाद तक पहुँची, तो उसने अपने स्वाभिमान और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए कड़ा फैसला लिया। युवक ने अपनी पत्नी को उसके मायके भेजना बंद कर दिया और खुद भी उस चौखट पर कदम न रखने की कसम खा ली। बदनामी के इस दाग ने दो परिवारों के बीच एक ऐसी दीवार खड़ी कर दी जिसे लांघना अब नामुमकिन था।
सफेदपोश अपराधियों का साथ और जमीन का फर्जीवाड़ा
रिश्तों से कटे होने के बाद आरोपी ससुर की नैतिकता पूरी तरह गिर गई। वह ‘रोड छाप’ नेताओं और बड़े भू-माफियाओं के गुर्गों के संपर्क में आ गया। जल्द ही वह सरकारी जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने के काले धंधे का मास्टरमाइंड बन गया। हैरान करने वाली बात यह है कि वह अपने दामाद के ही गांव के आसपास की जमीनों को निशाना बनाने लगा, ताकि अपनी धौंस जमा सके।
अपनों को भी नहीं बख्शा: ठगी की नाकाम कोशिश।
आरोपी ससुर की फितरत इस कदर गिर चुकी थी कि, उसने अपने ही एक करीबी सहयोगी को विश्वास में लेकर उसे चूना लगाने की साजिश रची। वह एक विवादित जमीन को सही बताकर और फर्जी कागजात दिखाकर उसे बेचने की फिराक में था। सौदा तय होने ही वाला था कि तभी राज खुल गया। सहयोगी को वक्त रहते दस्तावेजों की असलियत पता चल गई और उसने जमीन खरीदने से इनकार कर दिया। इस तरह आरोपी का एक और काला कारनामा उजागर होने से बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी साख पूरी तरह खत्म हो गई।
क्या होगा इस जालसाज ससुर का अंजाम? क्या कानून के शिकंजे में फंसेगा यह सफेदपोश अपराधी?
देखते रहिए इस विशेष श्रृंखला की अगली कड़ी रविवार 26 अप्रैल को।






