निजी स्कूलों पर सख्ती: फीस, यूनिफॉर्म और किताबों की मनमानी पर लगेगी रोक

पटना। बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने और छात्रों-अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी पहल की है। नई व्यवस्था के तहत अब निजी विद्यालयों को फीस से जुड़ी पुरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। साथ ही बिना उचित कारण मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और अनावश्यक शुल्क वसूलने पर भी रोक लगाई जाएगी। उक्त जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मिडिया एकाउंट Facebook Page सहित अन्य सोशल साइट्स पर साझा किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक संदेश में स्पष्ट कहा है कि अब किसी भी निजी स्कूल को अभिभावकों पर किताबें, कॉपी और यूनिफॉर्म किसी एक तय दुकान से खरीदने का दबाव बनाने की अनुमति नहीं होगी। अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार कहीं से भी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री खरीद सकेंगे। इससे अभिभावकों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि फीस बकाया रहने की स्थिति में किसी भी छात्र को परीक्षा देने, रिजल्ट प्राप्त करने या अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। स्कूल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई निजी विद्यालय इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभाग को निगरानी बढ़ाने और आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इस फैसले का शिक्षा जगत और अभिभावकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी। साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और छात्रों के अधिकार अधिक सुरक्षित होंगे।

