बिहार की राजनीति में नई हलचल के बीच जैसे ही सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, राज्य में बिजली व्यवस्था को लेकर उठने लगे सवाल

पटना/बिहार: सम्राट चौधरी के द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभालने के तुरंत बाद ही, प्रदेश के कई जिलों से बिजली कटौती और अनियमित बिद्यूत आपूर्ति की शिकायतें सामने आने लगी हैं।

खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शहरी इलाकों में भी बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि, पहले की तुलना में बिजली व्यवस्था और खराब हो गई है।
खासकर गर्मी के इस मौसम में लगातार बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। किसानों, छात्रों और छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है। उनका आरोप है कि नई सरकार बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को भी संभालने में विफल साबित हो रही है।
हालांकि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि, बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। तकनीकी खराबी और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बिजली संकट को कितना जल्दी काबू में ला पाती है, और आम जनता को राहत दे पाती है।