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बड़ी खबर: ताजपुर में लोको पायलट की गोली मारकर हत्या, 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली! स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल



समस्तीपुर/ताजपुर: ताजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुनाई बसही गांव निवासी, लोको पायलट प्रमोद कुमार सहनी की हत्या मामले में 24 घंटे बीत जाने के बाद भी, पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। जिसके कारण घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व दहशत का माहौल बना हुआ है।

बताया जाता है कि प्रमोद कुमार सहनी गुरुवार 2 अप्रैल की रात करीब 10 बजे, समस्तीपुर से ड्यूटी कर अपने घर ताजपुर थाना क्षेत्र के गुनाई बसही गांव लौट रहे थे। इसी दौरान दर्जनिया पुल से आगे पेट्रोल पंप के समीप अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना को लेकर स्थानीय लोगों के द्वारा कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। सुत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पूर्व इसी इलाके में अधिवक्ता व निजी शिक्षक गणेश सहनी की भी अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि प्रमोद सहनी, गणेश सहनी के रिश्तेदार थे और उनकी हत्या के बाद उनके परिवार को प्रशासनिक सहायता दिलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। इसी कारण अपराधियों द्वारा उन्हें धमकी भी दी गई थी।

वहीं, एक अन्य एंगल जमीन विवाद से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कुछ माह पूर्व प्रमोद सहनी ने गांव में 8 कट्ठा जमीन खरीदी थी, जिसे लेकर पास के जमीन मालिक से विवाद की बात सामने आई है। हालांकि स्थानीय लोग इस एंगल को कमजोर बताते हुए कहते हैं कि संबंधित व्यक्ति इतना निर्दयी नहीं है कि, इतनी छोटी सी बात के लिए वह किसी की हत्या कर देगा!

स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि एक तथाकथित भू-माफिया, जो जमीन खरीद-बिक्री के धंधे से जुड़ा है, उसकी नजर भी उक्त जमीन पर थी। ऊंची कीमत पर जमीन खरीद लेने से वह नाराज था और उसने पहले ही प्रमोद सहनी को उस इलाके में जमीन खरीदने से मना किया था।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि गणेश सहनी हत्याकांड में सभी आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी हो जाती, तो आज प्रमोद सहनी की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने जिले में बढ़ते अपराध के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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